श्री शांतिनाथ भगवान की आरती
सोलहवें तीर्थंकर
- चिह्न हिरण
- वर्ण स्वर्ण
- जन्मभूमि हस्तिनापुर
- माता-पिता ऐरा · विश्वसेन
- निर्वाण सम्मेदशिखर
जय शांतिनाथ स्वामी, प्रभु जय शांतिनाथ स्वामी।मन-वच-तन से तुमको वंदूँ, जय अंतरयामी॥
गर्भ-जनम जब हुआ आपका, तीन लोक हरषे।इन्द्र कियो अभिषेक शिखर पर, शिव-मग के स्वामी॥जय शांतिनाथ स्वामी…
पंचम चक्री भए आप ही, षट्खंड के स्वामी।राज-विभव को भोगे प्रभु जी, कामदेव नामी॥जय शांतिनाथ स्वामी…
अतुल विभव को तृणवत त्यागे, हुए कर्म-नाशी।भए आप तीर्थंकर प्रभु जी, शिव-रमणी स्वामी॥जय शांतिनाथ स्वामी…
वीरसिंधु को नमस्कार कर, आरति करूँ थारी।सूरज शिवपुर पावो प्रभु जी, महा-सौख्य धारी॥जय शांतिनाथ स्वामी…
॥ जय जिनेन्द्र ॥