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श्री कुंथुनाथ भगवान की आरती

सत्रहवें तीर्थंकर

दीपक के साथ आरती खोलें

ॐ जय कुंथु स्वामी, प्रभु जय कुंथु स्वामी।जीव-मात्र के रक्षक, तुम अंतरयामी॥

  1. हस्तिनापुर में जन्मे स्वामी, सूरसेन-नंदन।श्रीकांता माँ के आँगन में, बरसे रत्न-सुमन॥ॐ जय कुंथु स्वामी…

  2. चक्री-पद, कामदेव-पद पाकर, जग का राज किया।तृण-सम सब वैभव को त्यागा, संयम धार लिया॥ॐ जय कुंथु स्वामी…

  3. चैत्र सुदी तीजे को स्वामी, केवलज्ञान हुआ।समवसरण में जिनवाणी से, जग-कल्याण हुआ॥ॐ जय कुंथु स्वामी…

  4. जन्म-तिथि पर ही प्रभुवर ने, शिव-पद को पाया।गिरि सम्मेदशिखर से जग को, मुक्ति-पथ दिखलाया॥ॐ जय कुंथु स्वामी…

  5. छोटे-छोटे जीवों पर भी, करुणा बरसाई।कुंथु नाम सार्थक कर प्रभु ने, दया-ज्योति जलाई॥ॐ जय कुंथु स्वामी…

  6. करुणा-दीप जलाकर मन में, आरति हम गावें।दया-धर्म को धारें हर पल, जीव न दुख पावें॥ॐ जय कुंथु स्वामी…

॥ जय जिनेन्द्र ॥

भगवान कुंथुनाथ के कल्याणक

  1. ज्ञान कल्याणक21 मार्च 2026 · चैत्र शुक्ल तृतीया
  2. जन्म व तप व मोक्ष कल्याणक18 अप्रैल 2026 · वैशाख शुक्ल प्रतिपदा
  3. गर्भ कल्याणक8 अगस्त 2026 · श्रावण कृष्ण दशमी

भगवान कुंथुनाथ से जुड़े तीर्थ

  1. श्री सम्मेद शिखरजीमोक्ष कल्याणक · मधुबन, गिरिडीह, झारखंड
  2. हस्तिनापुरगर्भ, जन्म, तप व ज्ञान कल्याणक · हस्तिनापुर, मेरठ, उत्तर प्रदेश