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श्री संभवनाथ भगवान की आरती

तीसरे तीर्थंकर

दीपक के साथ आरती खोलें

आरती सम्भवनाथ तुम्हारी, हम सब गावें महिमा तिहारी॥

  1. चौदह वर्ष तपस्या ठानी, कर्मजयी तुम केवलज्ञानी।शीश झुकाते भक्त पुजारी, आरती सम्भवनाथ तुम्हारी॥

  2. तुमने आतम-ज्योति प्रकटाई, कर्म-शत्रुओं पर जय पाई।संकटहारी शिव-भरतारी, आरती सम्भवनाथ तुम्हारी॥

  3. राजपाट क्षण भर में छोड़ा, शिवपथ पर जीवन-रथ मोड़ा।तुम हो तीर्थंकर पदधारी, आरती सम्भवनाथ तुम्हारी॥

  4. शरण तुम्हारी जो आता है, मनवांछित फल वह पाता है।तुम शरणागत को सुखकारी, आरती सम्भवनाथ तुम्हारी॥

  5. संकटमोचन नाम तुम्हारा, जिसने मन से तुम्हें पुकारा।मिलीं सिद्धियाँ मंगलकारी, आरती सम्भवनाथ तुम्हारी॥

  6. नाथ आरती यह स्वीकारो, भवसागर से पार उतारो।हम सब सेवक आज्ञाकारी, आरती सम्भवनाथ तुम्हारी॥

॥ जय जिनेन्द्र ॥

भगवान संभवनाथ के कल्याणक

  1. गर्भ कल्याणक24 फ़रवरी 2026 · फाल्गुन शुक्ल सप्तमी-अष्टमी
  2. मोक्ष कल्याणक24 मार्च 2026 · चैत्र शुक्ल षष्ठी
  3. ज्ञान कल्याणक29 अक्टूबर 2026 · कार्तिक कृष्ण चतुर्थी
  4. जन्म कल्याणक24 नवंबर 2026 · कार्तिक पूर्णिमा
  5. तप कल्याणक23 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्दशी

भगवान संभवनाथ से जुड़े तीर्थ

  1. श्री सम्मेद शिखरजीमोक्ष कल्याणक · मधुबन, गिरिडीह, झारखंड
  2. श्रावस्तीगर्भ, जन्म, तप व ज्ञान कल्याणक · श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश