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श्री अजितनाथ भगवान की आरती

दूसरे तीर्थंकर

दीपक के साथ आरती खोलें

जय श्री अजित प्रभु, स्वामी जय श्री अजित प्रभु।कष्ट निवारक जिनवर, तारनहार प्रभु॥

  1. पिता तुम्हारे जितशत्रु और, माँ विजया रानी।माघ शुक्ल दशमी को जन्मे, त्रिभुवन के स्वामी॥जय श्री अजित प्रभु…

  2. उल्कापात देखकर प्रभु जी, धार वैराग्य लिया।गिरि सम्मेदशिखर पर प्रभु ने, पद निर्वाण लिया॥जय श्री अजित प्रभु…

  3. यमुना नदी के तीर बटेश्वर, अतिशय अति भारी।दिव्य शक्ति से आई प्रतिमा, दर्शन सुखकारी॥जय श्री अजित प्रभु…

  4. प्रतिमा खंडित करने को जब, शत्रु प्रहार किया।बही दूध की धार प्रभु ने, अतिशय दिखलाया॥जय श्री अजित प्रभु…

  5. बड़ी ही मनभावन है प्रतिमा, अजित जिनेश्वर की।मनवांछित फल पाया जाता, दर्शन करे जो भी॥जय श्री अजित प्रभु…

  6. जगमग दीप जलाओ सब मिल, प्रभु के चरणन में।पाप कटेंगे जनम-जनम के, मुक्ति मिले क्षण में॥जय श्री अजित प्रभु…

॥ जय जिनेन्द्र ॥

भगवान अजितनाथ के कल्याणक

  1. तप कल्याणक27 जनवरी 2026 · माघ शुक्ल नवमी
  2. जन्म कल्याणक28 जनवरी 2026 · माघ शुक्ल दशमी
  3. मोक्ष कल्याणक23 मार्च 2026 · चैत्र शुक्ल पंचमी
  4. गर्भ कल्याणक15 जून 2026 · द्वितीय ज्येष्ठ अमावस्या · शुक्ल प्रतिपदा

भगवान अजितनाथ से जुड़े तीर्थ

  1. अयोध्यागर्भ, जन्म व तप कल्याणक · अयोध्या, उत्तर प्रदेश
  2. श्री सम्मेद शिखरजीमोक्ष कल्याणक · मधुबन, गिरिडीह, झारखंड