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श्री पार्श्वनाथ भगवान की आरती

तेईसवें तीर्थंकर

दीपक के साथ आरती खोलें

ॐ जय पारस देवा, स्वामी जय पारस देवा।सुर-नर-मुनिजन तुम चरणन की, करते नित सेवा॥

  1. पौष वदी ग्यारस काशी में, आनंद अति भारी।अश्वसेन वामा माता उर, लीनो अवतारी॥ॐ जय पारस देवा…

  2. श्यामवरण नवहस्त काय, पग उरग-लखन सोहे।सुरकृत अति अनुपम पा भूषण, सबका मन मोहे॥ॐ जय पारस देवा…

  3. जलते देख नाग-नागिन को, मंत्र नवकार दिया।हरा कमठ का मान, ज्ञान का भानु प्रकाश किया॥ॐ जय पारस देवा…

  4. मात-पिता तुम स्वामी मेरे, आस करूँ किसकी।तुम बिन दाता और न कोई, शरण गहूँ जिसकी॥ॐ जय पारस देवा…

  5. तुम परमातम, तुम अध्यातम, तुम अंतरयामी।स्वर्ग-मोक्ष के दाता तुम हो, त्रिभुवन के स्वामी॥ॐ जय पारस देवा…

  6. दीनबंधु दुखहरण जिनेश्वर, तुम ही हो मेरे।दो शिवधाम को वास, दास हम द्वार खड़े तेरे॥ॐ जय पारस देवा…

  7. विपद-विकार मिटाओ मन का, अर्ज सुनो दाता।सेवक द्वै कर जोड़ प्रभु के, चरणों चित लाता॥ॐ जय पारस देवा…

॥ जय जिनेन्द्र ॥

भगवान पार्श्वनाथ के कल्याणक

  1. ज्ञान कल्याणक7 मार्च 2026 · चैत्र कृष्ण चतुर्थी
  2. गर्भ कल्याणक3 अप्रैल 2026 · वैशाख कृष्ण द्वितीया
  3. मोक्ष कल्याणक19 अगस्त 2026 · श्रावण शुक्ल सप्तमी

भगवान पार्श्वनाथ से जुड़े तीर्थ

  1. श्री सम्मेद शिखरजीमोक्ष कल्याणक · मधुबन, गिरिडीह, झारखंड
  2. भेलूपुर, वाराणसीगर्भ व ज्ञान कल्याणक · भेलूपुर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश