श्री महावीर भगवान की आरती
चौबीसवें तीर्थंकर · वर्धमान
- चिह्न सिंह
- वर्ण स्वर्ण
- जन्मभूमि कुंडलपुर
- माता-पिता त्रिशला · सिद्धार्थ
- निर्वाण पावापुरी
ॐ जय महावीर प्रभो, स्वामी जय महावीर प्रभो।कुंडलपुर अवतारी, त्रिशलानंद विभो॥
सिद्धारथ घर जन्मे, वैभव था भारी।बाल ब्रह्मचारी व्रत, पाल्यो तपधारी॥ॐ जय महावीर प्रभो…
आतम ज्ञान विरागी, समदृष्टि धारी।माया-मोह विनाशक, ज्ञान-ज्योति जारी॥ॐ जय महावीर प्रभो…
जग में पाठ अहिंसा, आपहि विस्तार्यो।हिंसा पाप मिटाकर, सुधर्म परचार्यो॥ॐ जय महावीर प्रभो…
इह विधि चाँदनपुर में, अतिशय दरशायो।ग्वाल मनोरथ पूर्यो, दूध गाय पायो॥ॐ जय महावीर प्रभो…
अमरचंद को सपना, तुमने प्रभु दीना।मंदिर तीन शिखर का, निर्मित है कीना॥ॐ जय महावीर प्रभो…
जयपुर-नृप भी तेरे, अतिशय के सेवी।एक ग्राम तिन दीनो, सेवा-हित यह भी॥ॐ जय महावीर प्रभो…
जो कोई तेरे दर पर, इच्छा कर आवे।होय मनोरथ पूरण, संकट मिट जावे॥ॐ जय महावीर प्रभो…
निशि-दिन प्रभु-मंदिर में, जगमग ज्योति जरे।हम सेवक चरणों में, आनंद-मोद भरे॥ॐ जय महावीर प्रभो…
॥ जय जिनेन्द्र ॥