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श्री पद्मप्रभ भगवान की आरती

छठे तीर्थंकर

दीपक के साथ आरती खोलें

जय पद्मप्रभु देवा, स्वामी जय पद्मप्रभु देवा।तुम बिन कौन जगत में मेरा, पार करो खेवा॥

  1. तुम हो अगम अगोचर स्वामी, हम हैं अज्ञानी।अपरम्पार तुम्हारी महिमा, काहू ना जानी॥जय पद्मप्रभु देवा…

  2. विघ्न निवारो, संकट टारो, हम आए शरणा।कुमति हटा सुमति दीजो, कर जोड़ पड़े चरणा॥जय पद्मप्रभु देवा…

  3. पाँव पड़े को पार लगाया, सुख-सम्पति दीना।श्रीपाल का कष्ट हटाकर, सुवर्ण तन कीना॥जय पद्मप्रभु देवा…

॥ जय जिनेन्द्र ॥

भगवान पद्मप्रभ के कल्याणक

  1. मोक्ष कल्याणक5 फ़रवरी 2026 · फाल्गुन कृष्ण चतुर्थी
  2. ज्ञान कल्याणक1 अप्रैल 2026 · चैत्र पूर्णिमा
  3. जन्म व तप कल्याणक7 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी

भगवान पद्मप्रभ से जुड़े तीर्थ

  1. कौशाम्बीजन्म, तप व ज्ञान कल्याणक · कोसम, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश
  2. श्री सम्मेद शिखरजीमोक्ष कल्याणक · मधुबन, गिरिडीह, झारखंड