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श्री नमिनाथ भगवान की आरती

इक्कीसवें तीर्थंकर

दीपक के साथ आरती खोलें

ॐ जय नमिनाथ स्वामी, प्रभु जय नमिनाथ स्वामी।नमन करें सब तुमको, हे शिवपुर-गामी॥

  1. धन्य हुई मिथिला फिर से प्रभु, जन्म लिया तुमने।विजय पिता, वप्रा माता के, भाग्य जगे अपने॥ॐ जय नमिनाथ स्वामी…

  2. आषाढ़ वदी दशमी को जन्मे, उस दिन तप धारा।नील-कमल है चिह्न तुम्हारा, स्वर्णिम उजियारा॥ॐ जय नमिनाथ स्वामी…

  3. मगसिर सुदी ग्यारस को स्वामी, घाति-कर्म नाशे।लोक-अलोक सभी प्रभुवर के, ज्ञान-मुकुर भासे॥ॐ जय नमिनाथ स्वामी…

  4. वैशाख वदी चौदस को प्रभु जी, शिव-पद को पाए।गिरि सम्मेदशिखर के कण-कण, पावन कहलाए॥ॐ जय नमिनाथ स्वामी…

  5. नमि-नमि कर हम आरति गावें, तुम-सम हो जावें।मान गलाकर विनय धरें हम, शिव-पथ पर आवें॥ॐ जय नमिनाथ स्वामी…

॥ जय जिनेन्द्र ॥

भगवान नमिनाथ के कल्याणक

  1. मोक्ष कल्याणक16 अप्रैल 2026 · वैशाख कृष्ण चतुर्दशी
  2. जन्म व तप कल्याणक10 जुलाई 2026 · आषाढ कृष्ण दशमी-एकादशी
  3. गर्भ कल्याणक28 सितंबर 2026 · आश्विन कृष्ण द्वितीया
  4. ज्ञान कल्याणक20 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी

भगवान नमिनाथ से जुड़े तीर्थ

  1. श्री सम्मेद शिखरजीमोक्ष कल्याणक · मधुबन, गिरिडीह, झारखंड
  2. मिथिलापुरीगर्भ, जन्म, तप व ज्ञान कल्याणक · सुरसंड, सीतामढ़ी, बिहार