Jain BhajanJain bhajans, non-stop

श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान की आरती

बीसवें तीर्थंकर

दीपक के साथ आरती खोलें

ॐ जय मुनिसुव्रत स्वामी, प्रभु जय मुनिसुव्रत स्वामी।भक्ति-भाव से प्रणमूँ तुमको, जय अंतरयामी॥

  1. राजगृही में जन्म लिया प्रभु, आनंद भयो भारी।सुर-नर-मुनि गुण गाएँ तिहारे, आरति कर थारी॥ॐ जय मुनिसुव्रत स्वामी…

  2. पिता तुम्हारे सुमित्र राजा, सोमा के जाया।श्यामवर्ण मूरत है तेरी, पैठण में अतिशय दरशाया॥ॐ जय मुनिसुव्रत स्वामी…

  3. जो ध्यावे सुख पावे सब ही, सब संकट दूर करें।मनवांछित फल पावें सब ही, जो प्रभु-चरण धरें॥ॐ जय मुनिसुव्रत स्वामी…

  4. जन्म-मरण दुख हरो प्रभु, सब पाप मिटें मेरे।ऐसी कृपा करो प्रभु हम पर, दास रहें तेरे॥ॐ जय मुनिसुव्रत स्वामी…

  5. निज-गुण ज्ञान का दीपक ले, आरति करूँ थारी।सम्यग्ज्ञान दो सबको, जय त्रिभुवन के स्वामी॥ॐ जय मुनिसुव्रत स्वामी…

॥ जय जिनेन्द्र ॥

भगवान मुनिसुव्रतनाथ के कल्याणक

  1. मोक्ष कल्याणक14 फ़रवरी 2026 · फाल्गुन कृष्ण द्वादशी
  2. ज्ञान कल्याणक11 अप्रैल 2026 · वैशाख कृष्ण नवमी
  3. जन्म व तप कल्याणक12 अप्रैल 2026 · वैशाख कृष्ण दशमी
  4. गर्भ कल्याणक31 जुलाई 2026 · श्रावण कृष्ण द्वितीया

भगवान मुनिसुव्रतनाथ से जुड़े तीर्थ

  1. श्री सम्मेद शिखरजीमोक्ष कल्याणक · मधुबन, गिरिडीह, झारखंड
  2. राजगीरगर्भ, जन्म, तप व ज्ञान कल्याणक · राजगीर, नालंदा, बिहार