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श्री मल्लिनाथ भगवान की आरती

उन्नीसवें तीर्थंकर

दीपक के साथ आरती खोलें

ॐ जय मल्लिनाथ स्वामी, प्रभु जय मल्लिनाथ स्वामी।मोह-मल्ल को जीता, तुम अंतरयामी॥

  1. मिथिला नगरी जन्मे जिनवर, कुम्भराय-नंदन।प्रजावती माता के सुत को, सुर-नर का वंदन॥ॐ जय मल्लिनाथ स्वामी…

  2. मगसिर सुदी ग्यारस को जन्मे, उस दिन तप धारा।बाल-ब्रह्मचारी बन प्रभु ने, जग को निस्तारा॥ॐ जय मल्लिनाथ स्वामी…

  3. कलश चिह्न चरणों में सोहे, स्वर्णिम तन भाया।पौष वदी दूजे को प्रभु ने, केवल-पद पाया॥ॐ जय मल्लिनाथ स्वामी…

  4. फागुन सुदी पाँचें को स्वामी, सब बंधन टूटे।गिरि सम्मेदशिखर से प्रभु जी, भव-वन से छूटे॥ॐ जय मल्लिनाथ स्वामी…

  5. मोह-मल्ल को जिसने जीता, वह जग का राजा।दीप जलाकर आरति गावें, जय-जय जिनराजा॥ॐ जय मल्लिनाथ स्वामी…

॥ जय जिनेन्द्र ॥

भगवान मल्लिनाथ के कल्याणक

  1. मोक्ष कल्याणक22 फ़रवरी 2026 · फाल्गुन शुक्ल पंचमी
  2. गर्भ कल्याणक19 मार्च 2026 · चैत्र अमावस्या · शुक्ल प्रतिपदा
  3. जन्म व तप कल्याणक20 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी
  4. ज्ञान कल्याणक25 दिसंबर 2026 · पौष कृष्ण द्वितीया

भगवान मल्लिनाथ से जुड़े तीर्थ

  1. श्री सम्मेद शिखरजीमोक्ष कल्याणक · मधुबन, गिरिडीह, झारखंड
  2. मिथिलापुरीगर्भ, जन्म, तप व ज्ञान कल्याणक · सुरसंड, सीतामढ़ी, बिहार