Jain BhajanJain bhajans, non-stop

श्री अनंतनाथ भगवान की आरती

चौदहवें तीर्थंकर

दीपक के साथ आरती खोलें

ॐ जय अनंत स्वामी, प्रभु जय अनंत स्वामी।अनंत गुणों के धारी, तुम अंतरयामी॥

  1. नगर अयोध्या जन्म लिया प्रभु, सिंहसेन-नंदन।मात जयश्यामा हरषाईं, तीन लोक वंदन॥ॐ जय अनंत स्वामी…

  2. ज्येष्ठ वदी बारस को जन्मे, उस दिन व्रत लीना।सेही चिह्न चरण में सोहे, मोह-जाल छीना॥ॐ जय अनंत स्वामी…

  3. चैत्र अमावस केवल प्रगटा, खिरी दिव्य वाणी।अनंत चतुष्टय के तुम स्वामी, जय जिन गुणखानी॥ॐ जय अनंत स्वामी…

  4. उसी अमावस सम्मेदाचल पर, पाया शिव-धामा।सिद्ध हुए प्रभु लोक-शिखर पर, पूरण सब कामा॥ॐ जय अनंत स्वामी…

  5. जो तुम ध्यावे, तुम-सा होवे, यह जिनमत-वाणी।दीप जला हम आरति गावें, हे अनंत ज्ञानी॥ॐ जय अनंत स्वामी…

॥ जय जिनेन्द्र ॥

भगवान अनंतनाथ के कल्याणक

  1. ज्ञान व मोक्ष कल्याणक19 मार्च 2026 · चैत्र अमावस्या · शुक्ल प्रतिपदा
  2. जन्म व तप कल्याणक12 जून 2026 · द्वितीय ज्येष्ठ कृष्ण द्वादशी
  3. गर्भ कल्याणक27 अक्टूबर 2026 · कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा-द्वितीया

भगवान अनंतनाथ से जुड़े तीर्थ

  1. अयोध्यागर्भ, जन्म, तप व ज्ञान कल्याणक · अयोध्या, उत्तर प्रदेश
  2. श्री सम्मेद शिखरजीमोक्ष कल्याणक · मधुबन, गिरिडीह, झारखंड