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अशरीरी-सिद्ध भगवान

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॥ जिनवाणी माता की जय ॥

ग्रंथालय

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॥ णमो अरिहंताणं ॥

चौबीस तीर्थंकर

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॥ जय जिनेन्द्र ॥

पाठशाला

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॥ जय जिनेन्द्र ॥

जैन तिथि कैलेंडर

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    तीर्थ यात्रा · Yatra Planner

    यात्रा पर जा रहे हैं? जहाँ ठहरे हैं वह स्थान और जितनी दूर जा सकते हैं वह दूरी चुनें, और आसपास के सभी जैन तीर्थ देखें, सबसे पास वाले पहले।

    देशभर के तीर्थ दिगंबर जैन तीर्थ दर्शन राज्यवार हर तीर्थ के दर्शन, मंदिर और मूलनायक भगवान की फ़ोटो के साथ दर्शन करें मेरी तीर्थ यात्राजिन तीर्थों के दर्शन किए, उन्हें जोड़ें

      तीर्थ यात्रा

      ॥ जय जिनेन्द्र ॥

      मेरी तीर्थ यात्रा

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      जैन भजन: जिनभक्ति और जिनवाणी की एक विनम्र सेवा

      जैन भजन भक्ति की एक छोटी-सी भेंट है: एक ऐसा स्थान जहाँ दिन-रात जिनेन्द्र भगवान का गुणगान गूँजता रहता है। भगवान आदिनाथ से भगवान महावीर तक, चौबीसों तीर्थंकरों की महिमा के भजन एक शांत रेडियो की तरह, एक के बाद एक बजते रहते हैं। साथ ही यहाँ जिनवाणी के शास्त्र, पंच परमेष्ठी और चौबीसों तीर्थंकरों की आरती, जैन तिथि कैलेंडर, दिगंबर जैन तीर्थों के दर्शन और तीर्थ यात्रा की योजना भी एक ही स्थान पर मिलती है। सबके लिए, बिल्कुल निःशुल्क।

      जैन मार्ग में भक्ति कुछ माँगने के लिए नहीं होती। हम अरिहंत और सिद्ध भगवान के गुण इसलिए गाते हैं कि वही गुण, क्षमा, अहिंसा, सत्य और वीतरागता, हमारी अपनी आत्मा में भी जागें।

      मोक्षमार्गस्य नेतारं भेत्तारं कर्मभूभृताम्। ज्ञातारं विश्वतत्त्वानां वन्दे तद्गुणलब्धये॥
      जो मोक्षमार्ग के नेता हैं, कर्मरूपी पर्वतों को भेदने वाले हैं और विश्व के समस्त तत्त्वों के ज्ञाता हैं, उन्हें मैं उन्हीं गुणों की प्राप्ति के लिए वंदन करता हूँ।

      सुबह की पूजा हो या संध्या की आरती, स्वाध्याय का समय हो या तीर्थ यात्रा, या घर का कोई शांत क्षण, जिनभक्ति और जिनवाणी हर पल आपके साथ रहें। ये आपके दिन में थोड़ी और शांति, धैर्य और पवित्रता भर दें, यही भावना है।

      हमारी सेवा

      • चौबीसों घंटे जिनभक्ति: बिना विज्ञापन, बिना शुल्क, बिना लॉगिन।
      • भजनों के पूरे बोल, जिनमें गाई जा रही पंक्ति साथ-साथ चमकती है, ताकि आप भी साथ गा सकें।
      • सत्रह पावन तीर्थों के दर्शन: जैसे-जैसे भजन बदलता है, सम्मेद शिखरजी से मूडबिद्री तक एक नए तीर्थ का दृश्य सामने आता है।
      • अपने प्रिय भजन सहेजें और एक क्लिक में परिवार व मित्रों तक पहुँचाएँ।
      • ग्रंथालय: बाल पाठमालाएँ, पूजन संग्रह, कथाएँ, और समयसार, छहढाला व मोक्षमार्ग प्रकाशक जैसे जैन शास्त्र, पन्ना-पन्ना पढ़ने के लिए, ठीक वैसे ही जैसे छपे हैं।
      • आरती: पंच परमेष्ठी और चौबीसों तीर्थंकरों की आरती, हर तीर्थंकर की प्रतिमा, परिचय और अगले कल्याणक के साथ।
      • जैन तिथि कैलेंडर: हर दिन की तिथि, अष्टमी-चतुर्दशी और तीर्थंकरों के कल्याणक; आज की तिथि मुख्य पृष्ठ पर ही दिख जाती है।
      • तीर्थ दर्शन: देशभर के दिगंबर जैन तीर्थ राज्यवार, हर तीर्थ के मंदिर और मूलनायक भगवान की फ़ोटो और पास के तीर्थों के साथ।
      • यात्रा योजना: आप जहाँ ठहरे हैं, उसके 125 किमी तक के सभी दिगंबर जैन तीर्थ, सड़क की दूरी और रास्ते के साथ, सबसे पास वाले पहले।
      • ऐप की तरह: इसे अपने फ़ोन में ऐप की तरह इंस्टॉल करें। बिना इंटरनेट के भी भजनों के बोल, आरती, तिथि और पहले पढ़े गए शास्त्र खुल जाते हैं; भजन सुनने के लिए इंटरनेट चाहिए।

      ये भजन पारंपरिक पदों और श्रद्धा से लिखे गए नए बोलों पर, SI संगीत उपकरणों की सहायता से तैयार किए गए हैं, और ग्रंथ उनके प्रकाशकों के सौजन्य से, बिना किसी बदलाव के दिए गए हैं। यहाँ न कोई विज्ञापन है, न कुछ बिकता है, न कोई दान माँगा जाता है। यह केवल सेवा है: निःस्वार्थ भाव से, जिनवाणी और जिनभक्ति को घर-घर पहुँचाने के लिए।

      जाने-अनजाने में यदि हमसे किसी को भी कोई ठेस पहुँची हो, तो मन, वचन और काय से: मिच्छामि दुक्कडम्।

      जय जिनेन्द्र 🙏

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