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श्री पुष्पदंत भगवान की आरती

नौवें तीर्थंकर · सुविधिनाथ

दीपक के साथ आरती खोलें

ॐ जय पुष्पदंत स्वामी, प्रभु जय पुष्पदंत स्वामी।सुविधिनाथ जिनेश्वर, तुम अंतरयामी॥

  1. नगरी काकंदी में जन्मे, सुर-नर हरषाए।पिता सुग्रीव, मात जयरामा, मंगल-गुण गाए॥ॐ जय पुष्पदंत स्वामी…

  2. मगसिर सुदी एकम को जन्मे, उस दिन तप धारा।श्वेत-वरण तन शोभित प्रभु का, मगर-चिह्न प्यारा॥ॐ जय पुष्पदंत स्वामी…

  3. कार्तिक सुदी दूज को प्रगटा, केवल-रवि न्यारा।दिव्यध्वनि से भवि जीवों का, मेटा अँधियारा॥ॐ जय पुष्पदंत स्वामी…

  4. भादों सुदी आठें को प्रभु ने, आठों कर्म हने।गिरि सम्मेदशिखर से स्वामी, सिद्ध महान बने॥ॐ जय पुष्पदंत स्वामी…

  5. जो जन तुमको मन से ध्यावे, सुख-सम्पति पावे।पुष्प सरीखा जीवन महके, दुख सब मिट जावे॥ॐ जय पुष्पदंत स्वामी…

  6. जगमग दीप जलाकर स्वामी, चरणों में आए।भव-भव के बंधन कट जाएँ, यह ही मन भाए॥ॐ जय पुष्पदंत स्वामी…

॥ जय जिनेन्द्र ॥

भगवान पुष्पदंत के कल्याणक

  1. गर्भ कल्याणक10 फ़रवरी 2026 · फाल्गुन कृष्ण नवमी
  2. मोक्ष कल्याणक19 सितंबर 2026 · भाद्रपद शुक्ल अष्टमी
  3. ज्ञान कल्याणक11 नवंबर 2026 · कार्तिक शुक्ल द्वितीया
  4. जन्म व तप कल्याणक9 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष शुक्ल प्रतिपदा

भगवान पुष्पदंत से जुड़े तीर्थ

  1. श्री सम्मेद शिखरजीमोक्ष कल्याणक · मधुबन, गिरिडीह, झारखंड
  2. काकन्दी (खुखुन्दू)गर्भ, जन्म, तप व ज्ञान कल्याणक · खुखुन्दू, देवरिया, उत्तर प्रदेश